इमीग्रेशन इंडस्ट्री में करियर , पैसा और चुनौती : Career, money
and challenges in Immigration Industry
इमीग्रेशन इंडस्ट्री आज के समय का सबसे तेजी से बढने वाला व्यापार बन गया है . इस इंडस्ट्री में काम करने वाले आज हर शहर में आसानी से मिल जायेंगे. सन २००५ से इस बिज़नस ने कई गुणां ज्यादा तरक्की की है . इमीग्रेशन एजेंट्स और कंसल्टेंट्स में बेशुमार पैसे इसमें कमाया है . आज भारत का तकरीबन हर युवा किसी दुसरे देश में जा कर पढाई व् कमाई करना चाहता है . पिछले दो दशकों में विदेश जाने वालो की संख्या में बहुत जयादा इजाफा आया है . एशियाई देशो के लोग अमेरिका , ऑस्ट्रेलिया , कनाडा , न्यू ज़ीलैण्ड व अन्य यूरोपीय देशो में पढना और बसना पसंद करने लगे है . क्यूंकि वहां जा जीवन स्तर , शिक्षा , सुविधांए और आज़ादी उच्च कोटि की है . भारत में रोजगार का ना होना और जिस तरह की जीवन शैली वो चाहते है नही मिलती . ऐसे और भी बहुत करना है जो युवाओं को किसी अच्छे देश में जा कर पढने और बसने को मजबूर करते है . इसको मजबूरी की बजाय आज लोग एक फैशन भी मानते है . इस पोस्ट में माध्यम से हम आपको इस बिज़नस के बारे में वो सब कुछ जो आपको इस व्यवसाय के बारे में बारीकी से जाने और काम करने के बारे काफी साहयक होंगी .

इमीग्रेशन इंडस्ट्री में काम करने वाले एजेंट्स और कंसल्टेंट्स विदेशों में जाने किए लिए वीसा का आवेदन , पढने के लिए सही देश और कॉलेज व यूनिवर्सिटी चुनाव , रहने व् बसने में लोगों की मद्द करते है . लोग ये सब काम खुद नही कर सकते तो इनको करने के लिए वे इमीग्रेशन कंसलटेंट और एजेंट्स की मदद लेते है . एजेंट्स और कंसल्टेंट्स आपने इस काम के लिए पैसे लेते है.
Study Visa / पढाई के लिए वीजा
आज लाखों युवा भारत व अन्य एशियाई देशो से अमेरिका , कनाडा, ऑस्ट्रेलिया , न्यू ज़ीलैण्ड और यूरोपीय देशो में पढाई के लिए जा रहे है और हर साल विदेश में पढाई करने वालो की संख्या तेजी से बढ़ रही है . , कनाडा, ऑस्ट्रेलिया , न्यू ज़ीलैण्ड और यूरोपीय देशो में पढाई करने के लिए स्टूडेंट्स को IELTS,
PTE, GRE, TOEFL आदि English
Proficiency test देने होते है . अगर ये टेस्ट ना दे या फिर इनको जरूरत के अनुसार मार्क्स , बैंड्स और स्कोर ना आये तो स्टूडेंट वीजा लगाना मुस्किल है . IELTS, PTE, GRE, TOEFL आदि English Proficiency test के लिए स्टूडेंट्स कौचिंग इंस्टिट्यूट जाते है . वहाँ पर टीचर स्टूडेंट्स को English Proficiency test के लिए तैयार करते है . और कोचिंग फीस नार्मल कौचिंग से ज्याद होती है . IELTS, PTE, GRE, TOEFL आदि में से कोई भी टेस्ट पास करके स्टूडेंट्स जिस देश में वो पढाई करना चाहता है वहाँ के किसी एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में दाखिले ले लिए आवेदन कर सकता है . एक एजुकेशनल कंसलटेंट स्टूडेंट्स की मदद करता है उसकी करता है सही देश , एजुकेशनल इंस्टिट्यूट और उस देश का शहर चुनने में . १-३ महीने की इस प्रकिर्या में कंसलटेंट स्टूडेंट्स को डाक्यूमेंट्स और दूसरी सभी जरुरतो के बारे में बताता है . पढाई में आने वाला खर्च , समय और वीजा आवेदन की सही जानकारी एक एजुकेशनल कंसलटेंट स्टूडेंट्स को देता है . जब स्टूडेंट्स का वीजा आ जाता है और स्टूडेंट्स वहाँ जाकर पढाई शुरु कर देता है तो वह एजुकेशनल इंस्टिट्यूट उस कंसलटेंट को कमीशन देता है . और फाइल तैयार करने के लिए कंसलटेंट कुछ और फीस भी स्टूडेंट्स भी ले लेते है .
Visitor/ Tourist Visa/ पर्यटक वीजा / घुमने जाना
आज बहुत से लोग दुसरे देशो में जाना और घूमना फिरना और आपना कुछ टाइम वहाँ बिताना चाहते है , बहुत से लोग टूरिस्ट वीजा लेकर उन देशो में जा कर वहाँ शरणार्थी के तोर में रहना शुरु करते है बाद में उस देश की नागरिकता हासिल कर लेते है. टूरिस्ट वीजा का आवेदन , इमीग्रेशन काउंटर पर पूछे जाने वाले सवाल और उस देश में पहुचने पर वह की सेटलमेंट का काम इमीग्रेशन एजेंट्स और कंसलटेंट का होता है .
Work Permit and Citizenship
/ काम के लिए वीजा और नागरिकता
आज बहुत से देश दुसरे देशो से काम के लिए कुशल व् अर्धकुशल लोगो को बुलाते है . बाद में उन के पास उस देश की नागरिकता पाने के अवसार भी होते है. इमीग्रेशन एजेंट्स एंड कंसलटेंट काम और नागरिकता के लिए लोगो का मार्गदर्शन करते है .इसके लिए जो भी डाक्यूमेंट्स चाहिए होते है वो इमीग्रेशन एजेंट्स आपने क्लाइंट्स की मदद करता है इनको तैयार करने में और आवेदन करने में . दुसरे देशो में काम के मौके और वहाँ की क़ानून और नियम की जानकारी आपको एजेंट और कंसलटेंट देता है . अगर आपको कोई दिक्कत है तो आप एजेंट की मदद के सकते हो क्यूंकि ऐसा माना जाता है की एजेंट के पास हर प्रॉब्लम का समाधान होता है . वो इस फील्ड के एक्सपर्ट होता है .
इमीग्रेशन इंडस्ट्री में करियर , पैसा और चुनौती
इमीग्रेशन इंडस्ट्री में अगर आप अपना करियर शुरू करना चाहते है तो आपको कुछ ख़ास बातों का ध्यान रखना होता है . वैसे तो इसके लिए आपको किसी ख़ास डिग्री और डिप्लोमा की जरुर नही है .यदि आप इमीग्रेशन लॉ में कोई डिग्री करते हो तो ये आपके लिए बहुत बढ़िया होगा . अगर नही करना चाहते तो आप एजुकेशनल एजेंट्स ले लिए हर देश की एम्बेसी और यूनिवर्सिटीज ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाते है . आप उस ट्रेनिंग को करके इस इंडस्ट्री में काम शुरू कर सकते हों . या फिर आप किसी भी इमीग्रेशन कंसल्टेंसी के साथ फ्रीलांसर के तौर पर काम करे और वहाँ से सीखें की यह इंडस्ट्री किस तरह से काम करती है . वहाँ से आप सिख सकते है जो भी जरूरी बाते आपको करनी होती है . बिना सीखें इस काम को ना करे , पहले फ्रीलांसर के तौर पे काम करे बाद में आप आपनी कंसल्टेंसी भी शुरू कर सकते हो . कंसल्टेंसी शुरू करने के लिए आपको सेंटर गवर्नमेंट से सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा . ताकि आप आराम से बिना किसी डर के काम कर सकते . एक क्लाइंट पे आपको कितन कंसल्टेंसी फीस रखना है ये आप खुद तय कर सकते हों . आज बड़े देशो के वीजा दे लिए लोग लाखों रुपये देने के लिए तैयार है . ये निर्भर करता है आपके स्किल्स और वीजा सक्सेस रेट पे. आप एक साल में लाखो रुपये कमा सकते हो .

इस इंडस्ट्री में कुछ लोग बिना नॉलेज के काम कर रहे है जिसकी वजह से एजेंट्स और कंसलटेंट लोगों का विश्वास खो रहे है . सरकार ने भी कुछ नियम बनाये है जिन्हें कंसल्टेंट्स और एजेंट्स फॉलो करते है . जरूरी ये है की बिना ट्रेनिंग और नॉलेज के इस इंडस्ट्री में काम ना करे . पहले सीखे और फिर करें .
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